8:33 pm

सरकाये लियो खटिया - राजा बाबु

सरकाये लियो खटिया जाडा लगे
जाडे में बलमा प्यारा लगे
सरकाये लियो खटिया जाडा लगे
जाडे में बलमा प्यारा लगे

गरमी में माथे से टपके पसीना
भाये न बारिश का टिप टिप महीना
सुई चुभे या शोला सा भड़के
माने न बैरी जियरा मोरा धड़के
ठुकराए नहीं बतिया जाडा लगे
सरकाये लियो खटिया ...

पड़ने लगी है कडाके की सर्दी
कितना सताए है मौसम बेदर्दी
ऐसे में कैसे सहें हम जुदाई
बाहों में लेके ओढा दो रजाई
तरसाए बैठी रतिया जाडा लगे
सरकाये लियो तकिया ...


0 comments: