9:06 pm

गुटुर गुटुर - दलाल

( गुटुर गुटुर - 4
अरे चढ़ गया ऊपर रे ) - 2
अटरिया पे लोटन कबूतर रे
गुटुर गुटुर - 4
पंछी दीवाना चुग कर दाना
उड़ गया फर फर रे
अटरिया पे हां
अटरिया पे हां
अटरिया पे लोटन कबूतर रे
मर गया ऊपर रे
गुजरिया पे लोटन कबूतर रे
गुटुर गुटुर - 4
पंछी दीवाना पाये जहाँ दाना
आए वही मुड मुड के
अटरिया पे हां
अटरिया पे हां
अटरिया पे लोटन कबूतर रे
अरे चढ़ गया ऊपर रे
अटरिया पे सोना कबूतर रे

बालों में तो पंख डाले हैं गोरिया
कितने कबूतर मारे हैं गोरिया
तुने सिकार करके
अटरिया पे लोटन कबूतर रे
गुटुर गुटुर - 4
यु तो कई थे पागल कबूतर
दिल ले उड़ा एक घायल कबूतर
नज़रों से वार करके
अटरिया पे सोना कबूतर रे
अरे चढ़ गया ऊपर रे
अटरिया पे सोना कबूतर रे
गुटुर गुटुर - 4

सोना कबूतर ले उड़ा चुनरी
चुनरी के संग मोरी ले गया मुंदरी
धक् धक् यह दिल धडके
अटरिया पे सोना कबूतर रे
गुटुर गुटुर - 4

अरे चुनरी में तारें भर दे कबूतर
मुंदरी में मोटी चढ़ दे कबूतर
दिल का इलाज करके
अटरिया पे सोना लूटन रे
गुटुर गुटुर - 4
अरे चढ़ गया ऊपर रे
अटरिया पे सोना कबूतर रे
गुटुर गुटुर - 4

देखि है तो मर मर जय है कबूतर
चली है जो तानकर ऐसे मटककर
जोबना पहाड़ करके
अटरिया पे सोना कबूतर रे
गुटुर गुटुर - 4

मैं तो चलूंगी मटक मटक कर
नीयत ख़राब कर डाले कबूतर
दूंगी हज़ार झटके
अटरिया पे सोना कबूतर रे
अरे चढ़ गया ऊपर रे
अटरिया पे सोना कबूतर रे

अबके मिला तो उड़ने न दूंगी
और कहीं दाना चुनने न दूँगी
रखूंगी दबोच कर के
अटरिया पे सोना कबूतर रे
गुटुर गुटुर - 4

हाय जुल्मी बिलैया जो धर दबोचे
काहे कबूतर उड़ने की सोचे
मिट जैहै हाय करके
अटरिया पे लोटन कबूतर रे

चढ़ गया ऊपर रे अटरिया पे सोना कबूतर रे
मर गया ऊपर रे अटरिया पे लोटन कबूतर रे
पंछी दीवाना चुघ कर दाना
उड़ गया फर फर रे
अटरिया पे सोना कबूतर रे
चढ़ गया ऊपर रे अटरिया पे सोना कबूतर रे
गुटुर गुटुर - 8

0 comments: